हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 15.5.7

अध्याय 15 → खंड 5 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 15)

सामवेद: | खंड: 5
अया पवस्व धारया यया सूर्यमरोचयः । हिन्वानो मानुषीरपः ॥ (७)
हे सोम! आप अपनी (चमकने वाली) पवित्र धाराओं से सूर्य को चमकाइए. सूर्य मनुष्यों के लिए जल बरसाने वाले हैं. (७)
O Mon! You shine the sun with your (shining) holy streams. The sun is going to rain water for humans. (7)