सामवेद (अध्याय 16)
एष विप्रैरभिष्टुतोऽपो देवो वि गाहते । दधद्रत्नानि दाशुषे ॥ (५)
सोम दिव्य और ब्राह्मणों द्वारा प्रशंसित हैं. ये जल में मिलते हैं. सोम यजमानों के लिए धन धारण करते हैं. (५)
Soma is divine and admired by Brahmins. They are found in water. Som holds money for the hosts. (5)