हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 16.1.8

अध्याय 16 → खंड 1 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 16)

सामवेद: | खंड: 1
एष देवो विपन्युभिः पवमान ऋतायुभिः । हरिर्वाजाय मृज्यते ॥ (८)
सोम पवित्र हैं. पुरोहित सोम को साफ कर के प्रार्थनाओं से उसी तरह सजाते हैं, जैसे युद्ध में ले जाने के लिए घोड़ों को सजाया जाता है. (८)
Som is holy. Priests clean the soma and decorate it with prayers in the same way as horses are decorated to take it to war. (8)