हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 17.1.8

अध्याय 17 → खंड 1 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 17)

सामवेद: | खंड: 1
उ त्वा मन्दन्तु सोमाः कृणुष्व राधो अद्रिवः । अव ब्रह्मद्विषो जहि ॥ (८)
हे इंद्र! आप सामर्थ्यवान हैं. सोमरस आप को मदमस्त बना दे. आप हमें वैभव प्रदान करें. आप ब्रह्मज्ञान के द्वेषियों का नाश करें. (८)
O Indra! You are powerful. May Someras make you mad. May you give us splendour. You destroy the malice of Brahmagyan. (8)