सामवेद (अध्याय 17)
अन्तश्चरति रोचनास्य प्राणादपानती । व्यख्यन्महिषो दिवम् ॥ (८)
हे सूर्य! आप स्वर्गलोक को प्रकाश और तेज से भर देते हैं. आप का तेज आकाश और पृथ्वी के बीच चमकता रहता है. (८)
O sun! You fill heaven with light and brightness. Your brightness shines between the sky and the earth. (8)