सामवेद (अध्याय 18)
पिबा त्वा३स्य गिर्वणः सुतस्य पूर्वपा इव । परिष्कृतस्य रसिन इयमासुतिश्चारुर्मदाय पत्यते ॥ (५)
हे इंद्र! आप पूजनीय हैं. सोमरस मददायी, आनंदवर्द्धक व गुणमय है. आप सब से पहले इस साफ छने हुए सोमरस को पीने की कृपा करें. (५)
O Indra! You are revered. Someras is informative, joyful and virtuous. Please drink this clean filtered somers first of all. (5)