हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 19.1.6

अध्याय 19 → खंड 1 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 19)

सामवेद: | खंड: 1
प्रत्यस्मै पिपीषते विश्वानि विदुषे भर । अरङ्गमाय जग्मयेऽपश्चादध्वने नरः ॥ (६)
हे यजमानो! इंद्र यज्ञ के संचालक, विश्व के ज्ञाता, अग्रणी, प्रगतिशील व सोमरस पान के इच्छुक हैं. आप इंद्र के लिए सोमरस को द्रोणकलश में भर दीजिए. (६)
O hosts! Indra is the operator of yajna, the knower of the world, the pioneer, progressive and interested in drinking someras. You fill someras in dronakalash for Indra. (6)