हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 19.5.7

अध्याय 19 → खंड 5 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 19)

सामवेद: | खंड: 5
होता देवो अमर्त्यः पुरस्तादेति मायया । विदथानि प्रचोदयन् ॥ (७)
हे अग्नि! आप अमर व होता हैं. आप माया से सम्मुख प्रकट होते हैं. आप प्रेरक हैं. (७)
O agni! You are immortal. You appear in front of Maya. You are inspiring. (7)