सामवेद (अध्याय 19)
उप स्रक्वेषु बप्सतः कृण्वते धरुणं दिवि । इन्द्रे अग्ना नमः स्वः ॥ (३)
इंद्र और अग्नि अपनी ज्वाला से हवि को स्वर्गलोक तक पहुंचा देते हैं. उस के बाद सभी इंद्र और अग्नि को पोषक बनाते हैं. (३)
Indra and Agni take Havi to heaven with their flame. After that, everyone makes Indra and Agni nutritious. (3)