हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 2.11.3

अध्याय 2 → खंड 11 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 2)

सामवेद: | खंड: 11
आ बुन्दं वृत्रहा ददे जातः पृच्छद्वि मातरम् । क उग्राः के ह श‍ृण्विरे ॥ (३)
हे यजमानो! जन्म लेते ही हाथ में बाण ले कर वृत्रासुर को मारने वाले इंद्र ने अपनी मां से पूछा कि अन्य प्रसिद्ध वीर कौनकौन से हैं. (३)
O hosts! As soon as he was born, Indra, who killed Vritrasura with an arrow in his hand, asked his mother who the other famous heroes were from. (3)