हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 2.12.7

अध्याय 2 → खंड 12 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 2)

सामवेद: | खंड: 12
ब्राह्मणादिन्द्र राधसः पिबा सोममृतूँ रनु । तवेदँ सख्यमस्तृतम् ॥ (७)
हे इंद्र! ब्राह्मण यजमान से सोमरस पीजिए. आप मौसम के अनुसार सोमरस पीजिए. आप का और हमारा अटूट नाता है. (७)
O Indra! Drink somers from the Brahmin host. Drink somers according to the season. You and we have an unbreakable bond. (7)