हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 21.1.10

अध्याय 21 → खंड 1 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 21)

सामवेद: | खंड: 1
पाहि नो अग्न एकया पाह्यू३त द्वितीयया । पाहि गीर्भिस्तिसृभिरूर्जां पते पाहि चतसृभिर्वसो ॥ (१०)
हे अग्नि! आप एक स्तुति सुन कर हमारी रक्षा कीजिए. आप दूसरी स्तुति सुन कर हमारी रक्षा कीजिए. आप तीसरी स्तुति सुन कर हमारी रक्षा कीजिए. आप चौथी स्तुति सुन कर हमारी रक्षा कीजिए. (१०)
O agni! You hear a compliment and protect us. You hear the second praise and protect us. You hear the third compliment and protect us. You hear the fourth compliment and protect us. (10)