सामवेद (अध्याय 21)
वृषो अग्निः समिध्यतेऽश्वो न देववाहनः । तँ हविष्मन्त ईडते ॥ (५)
हे अग्नि! आप शक्तिशाली हैं. घोड़े जैसे वाहन को ले जाते हैं, वैसे ही आप देवताओं के वाहन को ले जाते हैं. हे हविमान! आप हमारी प्रार्थनाएं स्वीकारिए. (५)
O agni! You are powerful. Just as horses carry a vehicle, so you carry the vehicle of the gods. O Haviman! You accept our prayers. (5)