हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 23.2.8

अध्याय 23 → खंड 2 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 23)

सामवेद: | खंड: 2
स घा नः सूनुः शवसा पृथुप्रगामा सुशेवः । मीढ्वाँ अस्माकं बभूयात् ॥ (८)
हे अग्नि! हम आप के पुत्र हैं. हम विधिविधान से आप की उपासना करते हैं. आप बहुत शीघ्रगामी हैं. आप हमारे लिए सुखदायी हों. (८)
O agni! We are your sons. We worship you by law. You are very quick. May you be pleasant to us. (8)