हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 24.1.10

अध्याय 24 → खंड 1 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 24)

सामवेद: | खंड: 1
तद्वो गाय सुते सचा पुरुहूताय सत्वने । शं यद्गवे न शाकिने ॥ (१०)
हे यजमानो! आप इंद्र के लिए एकत्रित हो कर प्रार्थनाएं गाइए. इंद्र को स्तोत्र ऐसे प्रिय लगते हैं, जैसे गायों को घास. (१०)
O hosts! You gather and sing prayers for Indra. Indra loves hymns like grass to cows. (10)