सामवेद (अध्याय 24)
तद्वो गाय सुते सचा पुरुहूताय सत्वने । शं यद्गवे न शाकिने ॥ (१०)
हे यजमानो! आप इंद्र के लिए एकत्रित हो कर प्रार्थनाएं गाइए. इंद्र को स्तोत्र ऐसे प्रिय लगते हैं, जैसे गायों को घास. (१०)
O hosts! You gather and sing prayers for Indra. Indra loves hymns like grass to cows. (10)