हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 24.3.8

अध्याय 24 → खंड 3 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 24)

सामवेद: | खंड: 3
वयमेनमिदा ह्योऽपीपेमेह वज्रिणम् । तस्मा उ अद्य सवने सुतं भरा नूनं भूषत श्रुते ॥ (८)
हे यजमानो! हम वज्रधारी इंद्र को पहले से ही सोमरस पिलाते रहे हैं. आज भी हमें उन्हें यह सोमरस पिलाना चाहिए. वे सोमपान और स्तोत्र श्रवण (सुनने) हेतु हमारे यज्ञ में पधारने की कृपा करें. (८)
O hosts! We have already been giving somras to Vajradhari Indra. Even today, we should give them this somras. May they please come to our yajna to listen to sompan and stotra. (8)