हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 25.1.7

अध्याय 25 → खंड 1 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 25)

सामवेद: | खंड: 1
तँ हिन्वन्ति मदच्युतँ हरिं नदीषु वाजिनम् । इन्दुमिन्द्राय मत्सरम् ॥ (७)
सोमरस मद बरसाने वाला, स्फूर्तिदायक व हरी कांति वाला है. इंद्र हेतु सोम को नदी के जल से प्रेरित किया जाता है. (७)
Someras is a rainy, energizing and green radiant. For Indra, Soma is inspired by the water of the river. (7)