हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.1.15

अध्याय 26 → खंड 1 → मंत्र 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 1
एभिर्नो अर्कैर्भवा नो अर्वाङ्क्स्वा३र्ण ज्योतिः । अग्ने विश्वेभिः सुमना अनीकैः ॥ (१५)
हे अग्नि! आप सुमन (अच्छे मन वाले) और सूर्य की तरह ज्योतिमान हैं. आप सभी पूजनीय देवों के साथ हमारे यज्ञ में पधारने की कृपा कीजिए. (१५)
O agni! You are as bright as Suman (good-minded) and Surya. Please come to our yagya with all of you revered gods. (15)