सामवेद (अध्याय 26)
यस्य ते महिना महः परि ज्मायन्तमीयतुः । हस्ता वज्रँ हिरण्ययम् ॥ (९)
हे इंद्र! आप अपने हाथ में स्वर्णमय वज्र धारण करते हैं. आप की महिमा अनंत है. (९)
O Indra! You wear a golden thunderbolt in your hand. Your glory is infinite. (9)