हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.3.9

अध्याय 26 → खंड 3 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 3
श्रुधी हवं विपिपानस्याद्रेर्बोधा विप्रस्यार्चतो मनीषाम् । कृष्वा दुवाँस्यन्तमा सचेमा ॥ (९)
हे इंद्र! आप हमारे आमंत्रण को ध्यान से सुनने की कृपा कीजिए. आप ब्राह्मणों व मनीषियों की प्रार्थना पर ध्यान दीजिए. आप हमें समान चित्त वाला मान कर हमारे अनुरोध पर ध्यान देने की कृपा कीजिए. (९)
O Indra! Please listen carefully to our invitation. You pay attention to the prayers of Brahmins and mystics. Please consider us to be equal minded and heed our request. (9)