हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.6.8

अध्याय 26 → खंड 6 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 6
युञ्जे वाचँ शतपदीं गाये सहस्रवर्त्तनि । गायत्रं त्रैष्टुभं जगत् ॥ (८)
गायत्री, त्रिष्टप्‌ एवं जगती छंद में सामों को हजारों प्रकार से गाते हैं. सैकड़ों पदों वाली ऋचाएं देवताओं के लिए गाई जाती हैं. (८)
Gayatri, Trishtap and Jagati sing saamas in thousands of ways in verses. Richas with hundreds of verses are sung for the gods. (8)