हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.7.4

अध्याय 26 → खंड 7 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 7
आपो हि ष्ठा मयोभुवस्ता न ऊर्जे दधातन । महे रणाय चक्षसे ॥ (४)
हे जल! आप ऊर्जा धारक व सुखदायी हैं. आप हमें संग्राम के लिए बल प्रदान करने की कृपा कीजिए. (४)
O water! You are energy holder and happy. Please give us strength for the struggle. (4)