हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 3.9.1

अध्याय 3 → खंड 9 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 3)

सामवेद: | खंड: 9
असावि देवं गोऋजीकमन्धो न्यस्मिन्निन्द्रो जनुषेमुवोच । बोधामसि त्वा हर्यश्व यज्ञैर्बोधा न स्तोममन्धसो मदेषु ॥ (१)
हम ने तेजस्वी गाय के दूध से सोमरस तैयार किया है. ऐसा सोमरस इंद्र को स्वभाव से ही बहुत पसंद आता है. आप इस सोमरस को पी कर मस्त हो जाइए, प्रसन्न हो जाइए. हमारी प्रार्थनाओं पर खासतौर से ध्यान देने की कृपा कीजिए. (१)
We have prepared somers from the milk of the stunning cow. Such somersa indra likes very much by nature. You drink this someras and get cool, be happy. Please pay special attention to our prayers. (1)