हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.4.7

अध्याय 5 → खंड 4 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 4
अर्षा सोम द्युमत्तमोऽभि द्रोणानि रोरुवत् । सीदन्योनौ योनेष्वा ॥ (७)
हे सोम! आप बहुत प्रकाशमान एवं शब्द करते हुए यज्ञ पात्र में छनते हैं. आप वन और यज्ञशालाओं में विराजिए. (७)
O Mon! You are very bright and words and filtered in the yajna vessel. You sit in the forest and yagyashalas. (7)