हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.9.11

अध्याय 5 → खंड 9 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 9
अञ्जते व्यञ्जते समञ्जते क्रतुँ रिहन्ति मघ्वाभ्यञ्जते । सिन्धोरुऽच्छ्वासे पतयन्तमुक्षणँ हिरण्यपावाः पशुमप्सु गृभ्णते ॥ (११)
यजमान सोमरस में गाय के दूध को एकमेक कर के मिलाते हैं. देवतागण सोमरस का आनंद लेते हैं. यजमान इस सोमरस में गाय का घी और शहद मिलाते हैं. नदी के जल में रहने वाले सोम को सोने से शुद्ध कर के चमकाया जाता है. (११)
The host mixes cow's milk together in Someras. The gods enjoy Someras. The hosts add cow's ghee and honey to this somerasa. Som, who lives in the water of the river, is purified with gold and brightened. (11)