हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 6.5.13

अध्याय 6 → खंड 5 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 6)

सामवेद: | खंड: 5
अयुक्त सप्त शुन्ध्युवः सूरो रथस्य नप्त्र्यः । ताभिर्याति स्वयुक्तिभिः ॥ (१३)
सूर्य ने रथ में घोड़े जोत रखे हैं. वे सातों घोड़े शुद्धकारी हैं. किरण रूपी घोड़ों से सूर्य सर्वत्र जाते हैं. (१३)
The sun has kept horses in the chariot. Those seven horses are purifying. The sun goes everywhere with the horses of rays. (13)