हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 7.1.2

अध्याय 7 → खंड 1 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 7)

सामवेद: | खंड: 1
अभि ते मधुना पयोऽथर्वाणो अशिश्रयुः । देवं देवाय देवयु ॥ (२)
सोमरस दिव्य है. यह देवताओं को प्रिय है. इसे देवताओं ने देवताओं के लिए खोजा है. अथर्वा ऋषियों ने गाय का दूध मिला कर इसे यजमान के लिए तैयार किया है. (२)
Somerus is divine. It is dear to the gods. It has been discovered by the gods for the gods. Atharva rishis have mixed cow's milk and prepared it for the host. (2)