सामवेद (अध्याय 7)
यो धारया पावकया परिप्रस्यन्दते सुतः । इन्दुरश्वो न कृत्व्यः ॥ (१०)
यज्ञ में सोमरस यजमान का सहायक है. यह पारदर्शी धाराओं से घोड़े की तरह वेगवान हो कर कलश में जाता है. (१०)
Someras is the helper of the host in the yajna. It moves like a horse from transparent streams and goes to the urn. (10)