हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 7.5.3

अध्याय 7 → खंड 5 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 7)

सामवेद: | खंड: 5
वरिवोधातमो भुवो मँहिष्ठो वृत्रहन्तमः । पर्षि राधो मघोनाम् ॥ (३)
हे सोम! आप धनदाता हैं. आप शत्रुओं के प्रबल नाशक हैं. आप धनवान शन्रुओं के पास मौजूद रहने वाले धन हमें प्रदान कीजिए. (३)
O Mon! You are a money giver. You are the strong destroyer of enemies. You give us the money that the rich people have. (3)