हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 7.5.6

अध्याय 7 → खंड 5 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 7)

सामवेद: | खंड: 5
इन्द्रमच्छ सुता इमे वृषणं यन्तु हरयः । श्रुष्टे जातास इन्दवः स्वर्विदः ॥ (६)
सोमरस चमकीला और हरा है. वह बहुत जल्दी छन कर पात्र में पहुंच गया है. वह जल्दी से जल्दी इंद्र को प्राप्त हो. (६)
Somerus is bright and green. He has reached the character very quickly. He gets to Indra as soon as possible. (6)