सामवेद (अध्याय 8)
एष प्रत्नेन जन्मना देवो देवेभ्यः सुतः । हरिः पवित्रे अर्षति ॥ (४)
सोमरस दिव्य है. देवता संस्कारपूर्वक उसे परिष्कृत करते हैं. वह हरा है और उसे पवित्र छलनी में परिष्कृत किया जाता है. (४)
Somerus is divine. The gods refine it sacramentally. He is green and is refined into holy sieves. (4)