सामवेद (अध्याय 9)
एवा पवस्व मदिरो मदायोदग्राभस्य नमयन्वधस्नुम् । परि वर्णं भरमाणो रुशन्तं गव्युर्नो अर्ष परि सोम सिक्तः ॥ (६)
हे सोम! आप स्फूर्तिदायी हैं. आप वृत्रासुर का वध हो जाने के बाद पानी बहाने वाले मेघों को झुकाइए. उन के जल में मिल कर छनते जाइए. आनंददायी होइए. आप पानी में मिल कर और चमकीले हो जाइए. आप गाय के दूध के रूप में हमारे चारों ओर प्रवाहित होइए. (६)
O Mon! You are energetic. After Vritrasura is killed, bow down to the clouds that shed water. Get rid of them together in their water. Be enjoyable. You get more bright together in the water. You flow around us in the form of cow's milk. (6)