हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 9.6.3

अध्याय 9 → खंड 6 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 9)

सामवेद: | खंड: 6
मो षु ब्रह्मेव तदिन्द्रयुर्भुवो वाजानां पते । मत्स्वा सुतस्य गोमतः ॥ (३)
हे इंद्र! आप बलवान, शक्ति के स्वामी एवं ब्रह्मा के समान हैं. आप हमें बुद्धिमान बनाने की कृपा कीजिए. (३)
O Indra! You are strong, the master of power and like Brahma. Please make us wise. (3)