यजुर्वेद (अध्याय 1)
धूर॑सि॒ धूर्व॒ धूर्व॑न्तं॒ धूर्व॒ तं यो॒ऽस्मान् धूर्व॑ति॒ तं धू॑र्व॒ यं व॒यं धूर्वा॑मः। दे॒वाना॑मसि॒ वह्नि॑तम॒ꣳ सस्नि॑तमं॒ पप्रि॑तमं॒ जुष्ट॑तमं देव॒हूत॑मम् ॥ (८)
हे परमेश्वर! आप सामर्थ्यवान हैं. आप अपनी सामर्थ्य से धूतो का नाश कीजिए. जो हम सभी को दुःख पहुंचाते हैं. आप उन पापियों और दुष्टात्माओं का नाश कीजिए जिन का सभी नाश करना चाहते हैं. आप देवों में सर्वाधिक तेजस्वी, शक्तिदाता, पूर्णतादायी और देवताओं को आमंत्रित करने बाले हैं. (८)
O God! You are powerful. Destroy the smoke with your power. Which hurts all of us. Destroy the sinners and demons that everyone wants to destroy. You are the most brilliant, powerful, complete and inviting gods among the gods. (8)