यजुर्वेद (अध्याय 10)
वृष्ण॑ऽऊ॒र्मिर॑सि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रं मे॑ देहि॒ स्वाहा॑ वृष्ण॑ऽऊर्मिर॑सि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रम॒मुष्मै॑ देहि वृषसे॒नोऽसि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रं मे॑ देहि॒ स्वाहा॑ वृषसे॒नोऽसि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रम॒मुष्मै॑ देहि ॥ (२)
जलधाराएं लहरदार, बलवती, राष्ट्दायिनी हैं. वे मुझे राष्ट्र प्रदान करें. इन के लिए स्वाहा. वे विशाल सेना वाली हैं. इन के लिए स्वाहा. वे राष्ट्रदायिनी हैं. इन के लिए स्वाहा. वे मुझे राष्ट्र प्रदान करें. इन के लिए स्वाहा. वे विशाल सेना वाली है. इन के लिए स्वाहा. वे विशाल राष्ट्रदायिनी हैं. इन के लिए स्वाहा. हमें राष्ट्र प्रदान करने की कृपा करें. (२)
The streams are wavy, strong, national. May they give me the nation. For them. They have a huge army. For them. They are the national responsibility. For them. May they give me the nation. For them. They have a huge army. For them. They are huge patriots. For them. Please give us the nation. (2)