यजुर्वेद (अध्याय 13)
मधु॒ वाता॑ऽ ऋताय॒ते मधु॑ क्षरन्ति॒ सिन्ध॑वः। माध्वी॑र्नः स॒न्त्वोष॑धीः ॥ (२७)
वायु मधुरता से बहने की कृपा करे. नदियां मधुरतापूर्वक रहें. सारी ओषधियां मधुरतामय होने की कृपा करें. (२७)
Please let the air flow sweetly. May the rivers be sweet. Please be kind to all the medicines to be sweet. (27)