यजुर्वेद (अध्याय 16)
नम॒स्तक्ष॑भ्यो रथका॒रेभ्य॑श्च वो॒ नमो॒ नमः॒ कुला॑लेभ्यः क॒र्मारेभ्यश्च वो॒ नमो॒ नमो॑ निषा॒देभ्यः॑ पु॒ञ्जिष्ठे॑भ्यश्च वो॒ नमो॒ नमः॑ श्व॒निभ्यो॑ मृग॒युभ्य॑श्च वो॒ नमः॑ ॥ (२७)
तरकसकार और रथकार को नमन. कुम्हार और लोहार को नमन. भील और जंगलवासी को नमन. कुत्ता पालक और शिकारियों को नमन. (२७)
Salutations to Quiver and Rathkar. Salutations to potters and blacksmiths. Salutations to Bhil and jungle dwellers. Salutations to dog keepers and predators. (27)