यजुर्वेद (अध्याय 16)
येऽन्ने॑षु वि॒विध्य॑न्ति॒ पात्रे॑षु॒ पिब॑तो॒ जना॑न्। तेषा॑ सहस्रयोज॒नेऽव॒ धन्वा॑नि तन्मसि ॥ (६२)
हे रुद्र देव! जो पात्रों में अन्न पीने वाले लोगों को परेशान करते हैं, आप उन के धनुषों को प्रत्यंचा रहित बना दीजिए. आप उन के धनुषों को हम से हजारों योजन दूर कर दीजिए. (६२)
O Rudra Dev! Those who disturb the people who drink food in the characters, you make their bows without attachment. You remove their bows from us thousands of plans. (62)