यजुर्वेद (अध्याय 18)
स्व॒र्ण घ॒र्मः स्वाहा॑ स्वर्णार्कः स्वाहा॑ स्वर्ण शु॒क्रः स्वाहा॒ स्वर्ण ज्योतिः॒ स्वाहा॒ स्वर्ण सूर्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (५०)
सोने जैसा प्रकाश उकेरने वाले देव के लिए स्वाहा. सोने जैसे सूर्य के लिए स्वाहा. सोने जैसे चमकने वाले देव के लिए स्वाहा. सोने जैसी ज्योति वाले देव के लिए स्वाहा. सोने जैसे सूर्य वाले देव के लिए स्वाहा. (५०)
Swaha for god who paints light like gold. Swaha for the sun like gold. Swaha for the god who shines like gold. Swaha for the god with a light like gold. Swaha for the sun god like gold. (50)