हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 18.77

अध्याय 18 → मंत्र 77 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
त्वं य॑विष्ठ दा॒शुषो॒ नॄँः पा॑हि शृणु॒धी गिरः॑। रक्षा॑ तो॒कमु॒त त्मना॑ ॥ (७७)
हे अग्नि! आप जौमय व दाता हैं. आप मनुष्यों की रक्षा करें. आप हमारी वाणियां सुनने, हमारी संतान और हमारी रक्षा करने की कृपा करें. (७७)
O agni! You are a giver and a donor. You protect humans. Please listen to our words, protect our children and us. (77)