हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 20.14

अध्याय 20 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
यद्दे॑वा देव॒हेड॑नं॒ देवा॑सश्चकृ॒मा व॒यम्। अ॒ग्निर्मा॒ तस्मा॒देन॑सो॒ विश्वा॑न्मुञ्च॒त्वꣳह॑सः ॥ (१४)
हे देवो! आप दिव्यगुणों से ओतप्रोत हों. अग्नि हमें हमारे द्वारा किए गए सभी पापों से मुक्त करें. अग्नि ऐसे सभी कार्याँ से हमें बचाने की कृपा करें. (१४)
O God! You are imbued with divine qualities. May agni free us from all the sins committed by us. Please save us from all such acts of agni. (14)