हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 20.21

अध्याय 20 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उद्व॒यं तम॑स॒स्परि॒ स्वः पश्य॑न्त॒ उत्त॑रम्। दे॒वं दे॑व॒त्रा सूर्य॒मग॑न्म॒ ज्योति॑रुत्त॒मम् ॥ (२१)
हम अंधकार से ऊपर, स्वर्गलोक व उत्तर दिशा में देखें. हम दिव्यदेव सूर्य की ओर जाएं. हम उत्तम ज्योति प्राप्त करें. (२१)
Let us look above darkness, heaven and north. Let us go towards the divine god sun. We get the best light. (21)