यजुर्वेद (अध्याय 20)
पा॒तं नो॑ऽअश्विना॒ दिवा॑ पा॒हि नक्त॑ꣳ सरस्वति।दैव्या॑ होतारा भिषजा पा॒तमिन्द्र॒ꣳ सचा॑ सु॒ते ॥ (६२)
हे अश्विनी देव! आप दिन में हमारी रक्षा करें. हे सरस्वती देवी! आप रात्रि में हमारी रक्षा करें. वैद्य अश्विनीकुमार दिव्य होता हैं. वे सचेत सोम के द्वारा इंद्र देव की रक्षा करें. (६२)
O Ashwini Dev! You protect us during the day. O Goddess Saraswati! You protect us at night. Vaidya Ashwinikumar is divine. They protect Indra Dev through conscious soma. (62)