हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 20.68

अध्याय 20 → मंत्र 68 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
यम॒श्विना॒ सर॑स्वती ह॒विषेन्द्र॒मव॑र्द्धयन्।स बि॑भेद व॒लं म॒घं नमु॑चावासु॒रे सचा॑ ॥ (६८)
अश्विनीकुमार और सरस्वती देवी ने उस हवि से इंद्र देव की बढ़ोतरी की. सचेत इंद्र देव ने उस से नमुचि असुर के बल को भेदा. (६८)
Ashwinikumar and Saraswati Devi increased Indra Dev from that havi. (68)