यजुर्वेद (अध्याय 20)
पृ॒ष्ठीर्मे॑ रा॒ष्ट्रमु॒दर॒मꣳसौ॑ ग्री॒वाश्च॒ श्रोणी॑। ऊ॒रूऽअ॑र॒त्नी जानु॑नी॒ विशो॒ मेऽङ्गा॑नि स॒र्वतः॑ ॥ (८)
हमारी पीठ राष्ट्र जैसी हो. पेट, दोनों कंधे, गरदन, दोनों कूल्हे, दोनों जंघाएं, कमर, घुटने आदि हमारे अंग सब ओर से प्रजा का पोषण करें. (८)
Let our back be like a nation. Stomach, both shoulders, neck, both hips, both thighs, waist, knees etc. (8)