हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 20.81

अध्याय 20 → मंत्र 81 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
गोम॑दू॒ षु णा॑स॒त्याश्वा॑वद्यातमश्विना। व॒र्त्ती रु॑द्रा नृ॒पाय्य॑म् ॥ (८१)
अश्विनीकुमारो! गोमय, अश्वमय और श्रेष्ठ राह वाले इस सोमयाग में पधारने की कृपा कीजिए. आप सत्य में निरत हैं. आप अन्यायियों को पीड़ित कीजिए. (८१)
Ashwinikumaro! Please come to this somayag with gomaya, ashwamaya and the best path. You are true. You victimise the unjust. (81)