हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 23.35

अध्याय 23 → मंत्र 35 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
म॒हाना॑म्न्यो रे॒वत्यो॒ विश्वा॒ आशाः॑ प्र॒भूव॑रीः।मैघी॑र्वि॒द्युतो॒ वाचः॑ सू॒चीभिः॑ शम्यन्तु त्वा ॥ (३५)
हे यज्ञाग्नि! सब प्राणियों को धारण करने वाली ऋचाएं, समस्त दिशाएं, “महानाम्नी देववाणियां, रेवती नमक ऋचाएं, बादलों की बिजली और श्रेष्ठ वाणियां सूचियों द्वारा आप को शांति प्रदान करें. (३५)
O yajnaagni! May the riches that hold all beings, all directions, "Mahanamni Devvanis, Revati Salt Verses, The Lightning of the Clouds and the Best Words give you peace through lists. (35)