हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 24.23

अध्याय 24 → मंत्र 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अ॒ग्नये॑ कु॒टरू॒नाल॑भते॒ वन॒स्पति॑भ्य॒ऽउलू॑कान॒ग्नीषोमा॑भ्यां॒ चाषा॑न॒श्विभ्यां॑ म॒यूरा॑न् मि॒त्रावरु॑णाभ्यां क॒पोता॑न् ॥ (२३)
अग्नि के लिए मुरगे व बनस्पतिदेव के लिए उल्लू व अग्नि और सोम हेतु नीलकंठ पक्षी का विधान मिलता है. अश्‍विनी देवों के लिए मोर व वरुण देव के लिए कबूतर पक्षी का विधान मिलता है. (२३)
For agni, murge b banaspatidev gets the law of owl, agni and for som, neelkanth bird. There is a law of peacock for Ashwani Devs and pigeon birds for Varun Dev. (23)