यजुर्वेद (अध्याय 24)
अह्ने॑ पा॒राव॑ता॒नाल॑भते॒ रात्र्यै॑ सीचा॒पूर॑होरा॒त्रयोः॑ स॒न्धिभ्यो॑ ज॒तूर्मासे॑भ्यो दात्यौ॒हान्त्सं॑वत्स॒राय॑ मह॒तः सु॑प॒र्णान् ॥ (२५)
दिन के लिए कबूतर और रात्रि के लिए सीचापू का विधान मिलता है. दिन तथा रात की संधि हेतु चमगादड़, मास हेतु कौए व वर्ष हेतु अच्छे पंख वाले (गरुड़) का विधान मिलता है. (२५)
Pigeon for day and sea chapu for night. There is a law of bats for the treaty of day and night, crows for the month and good winged (garuda) for the year. (25)