यजुर्वेद (अध्याय 25)
ए॒ष छागः॑ पु॒रोऽअश्वे॑न वा॒जिना॑ पू॒ष्णो भा॒गो नी॑यते वि॒श्वदे॑व्यः।अ॒भि॒प्रियं॒ यत्पु॑रो॒डाश॒मर्व॑ता॒ त्वष्टेदे॑नꣳ सौश्रव॒साय॑ जिन्वति ॥ (२६)
यह बकरा जब शक्तिशाली घोड़े के सामने लाया जाता है तब यजमान चंचल घोड़े के साथ बकरे को भी मीठा अन्न (पुरोडाश) प्रदान करता है. पुरोडाश सभी को प्रिय लगता है और उस का उत्तम भाग दे कर यश पाया जाता है. (२६)
When this goat is brought in front of the powerful horse, the host provides sweet food (Purodash) to the goat along with the playful horse. Purodash is dear to everyone and is found to be famous by giving the best part of it. (26)